आज दो कवितायेँ बच्चों के लिए
(१)
हँसना
हँसना और हँसाना सीखो
हर पल तुम मुस्काना सीखो.
कली कली से फूल फूल से
खुशबू तुम महकाना सीखो.
इस प्यारी सी धरती को
सूरज सा चमकाना सीखो.
अपनी धरती के दुश्मन को
दुनिया से पार लगाना सीखो.
हँसना और हँसाना सीखो
हर पल तुम मुस्काना सीखो.
(२)
धरती माँ के वीर सिपाही
इतना तो बतला देंगे.
दुश्मन की हो बुरी नज़र
तो उसको पाठ पढ़ा देंगे.
खुशिओं पर जो ग्रहण लगाये
उसको मज़ा चखा देंगे.
हम सुंदर फूल खिला देंगे.
इन फूलों को जो मसलेगा
उसको सही सजा देंगे.
धरती माँ की ताकत को
दुनिया के आगे कर देंगे.
इसको जो ना माने तो
उसको भी सबक सिखा देंगे.
धरती माँ के वीर सिपाही
इतना तो बतला देंगे.
दुश्मन की हो बुरी नज़र
तो उसको पाठ पढ़ा देंगे.















