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रविवार, 14 अप्रैल 2013

अनबुझे प्रश्न


अनबुझे प्रश्न


तुम मुझे बहुत याद आते हो,
मेरी तनहाइओं में,
सुनसान वीरानों में,
मेरे अनबुझे से प्रश्न।
क्यों होते हैं कुछ रिश्ते,
कांच से नाज़ुक,
कुछ ढाल से मजबूत,
कुछ रौशनी में परछाई, 
कुछ कागज़ पर रोशनाई।
तुम मुझे बहुत याद आते हो,
मेरे अनबुझे से प्रश्न।
क्यों नाज़ुक रिश्ता दरज़ता है।
क्यों मजबूत रिश्ता खड़ा रहता है।
क्यों परछाई रोशनी का
नहीं छोडती साथ।
क्यों कागज़ पर लिखा 
रिश्ता नहीं होता आबाद।
तुम मुझे बहुत याद आते हो,
मेरे अनबुझे से प्रश्न।

गुरुवार, 20 अक्टूबर 2011

रोशनी


रोशनी

आओ रोशनी के त्यौहार में
इस बार ये कसम खाएं.
भूकंप, आतंक से सहमी दिशाओं पे,
प्यार और शांति का मलहम लगाएं.
देखें धुएं और शोर से फिर कहीं
बहरी न हो जाएँ दिशाएं.
हमारे दियों की रोशनी को
अँधेरे बस यूँ ही न निगल जाएँ.
बेवजह जम गए रिश्तों को
फिर मोम सा पिघलाएं,हिलाएँ, मिलाएं.  
निराश मायूस बैठे न रहें,
हंसी ठहाकों के बम और रॉकेट चलायें.
चेहरे पे आतिशबाजी की छटा
मन में आशा के माहताब जलाएं.
बिजली से न करें रोशनी
किसी मासूम का चेहरा रोशन कराएँ.
आओ रोशनी के त्यौहार में
इस बार ये कसम खाएं
इस बार कुछ अलग सी दिवाली मनाएं.



आप सब के लिये ये रोशनी का त्यौहार, इस बार एक फिर से नयी रोशनी लेकर आये, दीवाली की आप सभी को ढेर सारी शुभकामनायें. 

रविवार, 17 अक्टूबर 2010

आसरा

आसरा




दूर से निहारती हूँ तुम्हें.

सुना है,

गुणों का अकूत भंडार हो तुम.

वैसे, हूँ तो मैं भी.

तुम में भी एक दोष है,

और मुझ में भी.

तुम्हारा असह्य कड़वापन,

जो शायद तुम्हारे लिए राम बाण हो

और मेरा, दुर्बल शरीर.

मुझे चाहिए,

एक सहारा सिर्फ रोशनी पाने के लिए.

सोचती हूँ फिर क्यों न तुम्हारा ही लूँ.

अवगुण कम न कर सकूँ तो क्या,

गुण बढ़ा तो लूँ.

आओ हम दोनों मिलकर

कुछ नया करें.

किसी असाध्य रोग की दवा बनें.

दूर से निहारती हूँ तुम्हें,

जानती हूँ, मैं अच्छी हूँ,

पर बहुत अच्छी बनना चाहती हूँ.

कहते हैं,

नीम पर चढ़ी हुई गुर्च बहुत अच्छी होती है.

बोलो! क्या दोगे मुझे आसरा,

अपने चौड़े विशाल छतनार वक्षस्थल पर?



ऊपर के चित्र में नीम के पेड़ से लटकती जड़ें गुर्च की हैं. गुर्च को अंग्रेजी में टिनोस्पोरा कहते हैं. नीचे का चित्र गुर्च का है. यह एक औषधीय पौधा है. इसके कुछ और नाम इस प्रकार हैं:

छिन्ना chinna, छिन्नरूहा chinnaruha, गिलोय giloy, गुड़च gudach, गुलञ्च gulancha, गुलुञ्च guluncha, गुलबेल gulbel, गुर्च gurch, जीवन्ती jivanti, जीवन्तिका jivantika, पित्ताग्नी pittagni, तिक्तपार्वण tiktaparvan, वज्रा वज्र.

(दोनों चित्र गूगल से लिए गए हैं)
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