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रविवार, 31 मार्च 2013

पासवर्ड


पासवर्ड 

मैं पासवर्ड हूँ
अजब अनोखा
मैं हैक होना चाहता हूँ
हैंग होना चाहता हू
खो जाना चाहता हूँ
भुला देना चाहता हूँ अपने आपको
एक बार आजमा कर तो देखो
हां मैं तुम्हारा और केवल तुम्हारा
पासवर्ड हूँ.

और फिर

पिछले कुछ दिनों से
बस एक ही मैसेज
बार बार देखती हूँ
आपका अकाउंट किसी ने खोला था
क्या वो आप थीं ?
जोर डालती हूँ 
दिमाग पर.
याद आने लगता है 
सब कुछ.
स्पैम में चले जाते हैं
मुझे उलझन में
डालने वाले सपने
चुपचाप बिना कुछ कहे.
डिलीट होने लगे हैं.
बुरे सपने 
अपने आप ही.
मैमोरी फुल सी होने लगी है
अच्छे और सुखदाई सपनों की
पर बिना कुछ भी किये
ये सब कैसे...
साफ़ समझ आने लगा है...
हैक हो गया है 
"मेरे सपनों का पासवर्ड"
कहीं वो हैकर 
"तुम" तो नहीं .....

रविवार, 1 जुलाई 2012

हसरतें


हसरतें 
सुनती आई हूँ
सपने देखने में पैसे नहीं खर्च होते
पर सच तो ये है
उन्हें पालने पोसने में
एक उम्र खर्च हो जाती है
मैंने भी देखे कितने ही सपने
कुछ जन्मे, कुछ अजन्मे ही
छोड़ गए मुझे अकेला
अधर में इस धरा पे
कुछ खिसके, रेंगे, लड़खड़ाए
और कुछ...
अपने पैरों पर चल निकले
तभी डाल दी गयीं 
बेडियाँ उन पैरों में
दिन बदले, साल बदले, जमाना बदला
न टूटी, न तोड़ी गयीं, 
न खुलीं, न खोली गयीं बेडियाँ.
आज अपाहिज हो गए हैं
सपने मेरे
पर मैं खुश हूँ
जानती हूँ बैसाखियाँ दे दूँ 
तो कुछ दिन तो और 
साथ निभा जायेंगे ये
मेरी उम्र से लंबी इनकी उम्र जो है.
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