पिटारा
रंगों का अजब फुहारा हूँ मैं.
खुशिओं का पिटारा हूँ मैं.
रह जाऊं अन्दर तो गुमसुम.
बिखर जाऊं तो नज़ारा हूँ मैं.
बढ़ जाये मन का समंदर कितना ही क्यों ना.
उसको बांधे इक मजबूत किनारा हूँ मैं.
बांध लूँ दूब की पाजेब जिस पल.
मखमली गलियारा हूँ मैं.
पहनूं अनगिनत कलियों का नीला घाघरा ऐसे.
कि आसमां सारा हूँ मैं.
कभी बरसती कभी तरसती कभी बिफरती.
कुदरत का इशारा हूँ मैं.
मन में बसा लो तो शबनम.
निकालो तो शरारा हूँ मैं.
ओढ़ लूँ श्वेत चूनर तो संगेमरमर.
लाल हो जाऊं तो प्यार तुम्हारा हूँ मैं.
रंगों का अजब फुहारा हूँ मैं.
इन्द्रधनुष सारा का सारा हूँ मै.
खुशिओं का पिटारा हूँ मैं.
रह जाऊं अन्दर तो गुमसुम.
बिखर जाऊं तो नज़ारा हूँ मैं.
बढ़ जाये मन का समंदर कितना ही क्यों ना.
उसको बांधे इक मजबूत किनारा हूँ मैं.
बांध लूँ दूब की पाजेब जिस पल.
मखमली गलियारा हूँ मैं.
पहनूं अनगिनत कलियों का नीला घाघरा ऐसे.
कि आसमां सारा हूँ मैं.
कभी बरसती कभी तरसती कभी बिफरती.
कुदरत का इशारा हूँ मैं.
मन में बसा लो तो शबनम.
निकालो तो शरारा हूँ मैं.
ओढ़ लूँ श्वेत चूनर तो संगेमरमर.
लाल हो जाऊं तो प्यार तुम्हारा हूँ मैं.
रंगों का अजब फुहारा हूँ मैं.
इन्द्रधनुष सारा का सारा हूँ मै.
