रविवार, 3 मार्च 2013

अहसास


अहसास
 

मेरे बालों में रह रह के,
महकता बादल.
मेरे होंठों पे,बसने को,
मचलता बादल.

मेरे बाजुओं में आकर के,
पिघलता बादल.
मेरी पाजेब से मिलकर के,
फिसलता बादल.

ये बादल नहीं,
स्पर्ष है किसी का.
जो तन मन भिगोये,
ये प्यार है उसी का.

मेरी सांसों में आकर के,
सुलगता ये बादल.
मेरी आँखों से जब तब,
छलकता ये बादल.

मेरी धडकनों में रह-रह के,
धधकता ये बादल
जिगरे नासूर से रह-रह के,
रिसता ये बादल.

ये बादल नहीं
अवसाद है किसी का.
जो मन को भिगोये,
ये अहसास है उसी का.

32 टिप्‍पणियां:

  1. अपनी हालत का खुद अहसास नही हमको,
    मैंने औरों से सुना है कि परेशान हूँ मै,,,


    RECENT POST: पिता.

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  2. बहुत बढ़िया रचना
    आदरेया |
    आभार आपका -

    उत्तर देंहटाएं
  3. दर्द में निकलती आह पर बस वाह वाह कहने का जी करता है।

    बसंत में सांसों को रुलाता है
    निरीह है पागल है ये बादल।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत खूबसूरत से अल्फाजों से सजी, सुन्दर सी कविता. मुझे अच्छा लगा पढकर.
    नीरज'नीर'

    उत्तर देंहटाएं

  5. बहुत सुन्दर एहसासात सजाये है यह रचना .अवसाद शब्द डिप्रेशन के लिए प्रयुक्त /रूढ़ हो चुका है -विषाद ज्यादा समीचीन रहेगा ,भाव को ख्नादित किए बिना -


    ये बादल नहीं
    अवसाद है किसी का.
    जो मन को भिगोये,
    ये अहसास है उसी का.

    उत्तर देंहटाएं
  6. दिलों को करता
    ये घायल बादल .....
    शुभकामनायें!

    उत्तर देंहटाएं
  7. कोमल सा अहसास लिए बहुत ही सुन्दर
    हृदयस्पर्शी रचना...
    लाजवाब....
    :-)

    उत्तर देंहटाएं
  8. कोमल सा अहसास लिए बहुत ही सुन्दर
    हृदयस्पर्शी रचना...
    लाजवाब....
    :-)

    उत्तर देंहटाएं
  9. खुद अपने अहसास को कुछ इसा तरह कहा आपने कि उसके फेर में हम भी वही अहसास करने लगे.
    बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति.

    उत्तर देंहटाएं
  10. कभी किसी का स्पर्श भिगोता है कभी अवसाद भी ले आता है ... ये समय का बदलाव नहीं तो क्या है ...
    गहरा एहसास लिए ...

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  11. घनीभूत यह किन भावों का बादल है..

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  12. कोमलता से ओतप्रोत...अहसासों का बादल...~बहुत खूबसूरत!
    ~सादर!!!

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  13. प्रेम का महीन अहसास -बहुत सुंदर ----बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  14. भावमय करते शब्‍द ... आभार

    उत्तर देंहटाएं
  15. चारों तरफ कितने ही बादल...

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  16. ये बादल नहीं
    अवसाद है किसी का.
    जो मन को भिगोये,
    ये अहसास है उसी का.

    अद्धभुत अनुभूति की
    उम्दा अभिव्यक्ति ..... !!

    उत्तर देंहटाएं
  17. "जो मन को भिगोये,
    ये अहसास है उसी का"

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  18. शुक्रिया रचना मेरी कविता को पसंद करने के लिए
    आपकी ये नज़्म पढ़ी . बहुत सुन्दर लिखा है .. बधाई स्वीकार करिए
    प्रेम के कई शेड्स है इसमें. शब्द भावपूर्ण है .

    विजय
    www.poemsofvijay.blogspot.in

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  19. उम्दा, बेहतरीन अभिव्यक्ति...बहुत बहुत बधाई...

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  20. बादल - दर्द भी बनता दवा भी... सुन्दर अभिव्यक्ति, बधाई.

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  21. बादल नहीं ये आवरगी है मेरी ,

    मेघ दूत है मेरा ,

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