रविवार, 13 सितंबर 2015

पतन

पतन

सुना है गिरना बुरा है 
देखती हूँ  आसपास 
कहीं न कहीं,
कुछ न कुछ 
गिरता है हर रोज़.
कभी साख गिरना 
कभी इंसान का गिरना 
इंसानियत का गिरना
मूल्यों का गिरना   
स्तर गिरना 
कभी गिरी हुई मानसिकता
गिरी हुई प्रवृत्तियां.   
अपराध का स्तर गिरना 
नज़रों से गिरना 
और कभी 
रुपये का गिरना 
सोने का गिरना 
बाज़ार का गिरना 
सेंसेक्स गिरना 
और यहाँ तक 
कि कभी तो 
सरकार का गिरना
समझ नहीं पाती 
ये इनकी चरित्रहीनता है 
या 
गुरुत्वाकर्षण.

20 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" सोमवार 14 सितम्बर 2015 को लिंक की जाएगी............... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  2. धन्यवाद दिग्विजय जी मेरी कविता को पांच लिंकों का आनन्द में स्थान देने के लिए

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  3. धन्यवाद दिग्विजय जी मेरी कविता को पांच लिंकों का आनन्द में स्थान देने के लिए

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  4. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (14-09-2015) को "हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ" (चर्चा अंक-2098) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    उत्तर
    1. धन्यबाद शास्त्री जी मेरी रचना को चर्चामंच में स्थान देने के लिए.

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  5. उत्तर
    1. ज्योति जी आपकी इस टिप्पणी और मेरे ब्लॉग में शामिल होने के लिए बहुत बहुत धन्यबाद.

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  6. ग्रुत्वकर्षण तो एक बहाना लगता है ... इन सब चीजों के साथ मानवता भी गिर रही है ...
    मजा आया आपके इस अंदाज पे ...

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  7. सामयिक सवाल , बेहतरीन रचना

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  8. सुन्दर भावाभिव्यक्ति, सोचनीय !

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  9. बेहद सटीक और लाजबाब रचना ।

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  10. कविता की प्रत्येक पंक्ति में अत्यंत सुंदर भाव हैं.... संवेदनाओं से भरी बहुत सुन्दर कविता...

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  11. ये पतन उलझाता भी है और बहुत कुछ समझाता भी है . सुन्दर रचना ,रचना जी .

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  12. बहुत सटीक प्रश्न...प्रभावी अभिव्यक्ति...

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