रविवार, 15 नवंबर 2015

अच्छे दिन

अच्छे दिन
 

खुश हूँ अच्छे दिन आए हैं 
सदियों से झुग्गी बस्तियों में बसने वाले 
सडान बदबू में रहने वाले 
नाले नालिओं में पनपने वाले
अब नहीं रहते हैं वहां.
बदल गया है बसेरा 
आयें है अच्छे दिन 
रहते हैं साफ़ सुथरी हवा में
अति विशिष्ट व्यक्तियों के घरों में
दीदार करते हैं 
अभिनेता अभिनेत्रियों का
छू पाते है उनका शरीर
उठना बैठना है 
उच्चवर्गीय समाज में
अच्छे दिन आए हैं
सफर तय हो चला है
मच्छरों का 
मलेरिया से डेंगू तक.

25 टिप्‍पणियां:

  1. अच्‍छे दिन आए हैं। बहुत सार्थक रचना के रूप में हमारे सम्‍मुख प्रस्‍तुत हुई है।

    उत्तर देंहटाएं
  2. दीप पर्व की शुभकामनाएँ ..आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" सोमवार 16 नवम्बबर 2015 को लिंक की जाएगी............... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. धन्यवाद यशोदा जी मेरी रचना को स्थान देने हेतु.

      हटाएं
  3. सार्थक प्रस्तुति धन्यवाद रचनाजी।

    उत्तर देंहटाएं
  4. वाह - कहीं पै निगाहें कहीं पै निशाना

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत खूब.... चलिये किसी के तो अच्छेेेे दिन आये...

    उत्तर देंहटाएं
  6. सच कहा आपने । सुंदर प्रस्तुति ।

    उत्तर देंहटाएं
  7. कविता का चुभता हुआ डंक ।

    उत्तर देंहटाएं
  8. सच कहा मच्छरों के अच्छे दिन... संभ्रांत घरों में अब ये वास करते हैं. बहुत खूब.

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत ख़ूब। जनता के अच्छे दिन कब आएँगे, देखना बाक़ी है।

    उत्तर देंहटाएं
  10. वैसे तो आम जनता भी मच्छरों से ज्यादा कुछ नहीं .... उनके अच्छे दिन कब आयेंगे ? अच्छा व्यंग्य

    उत्तर देंहटाएं
  11. विडम्बना यही है। अच्छे की परिभाषा भी व्यक्तिगत हो गई है।

    उत्तर देंहटाएं
  12. Enjoy 15% Off on any of the print packages and the next Ebook for free to welcome 2016.
    Not only this have a cash back on each package directly on selecting the package till 1st January 2016 .
    Visit www.onlinegatha.com and do not miss the offer valid only for 5 days exclusively only on onlinegatha.com

    उत्तर देंहटाएं
  13. kahte hain sabhi ke achhe din aate hain....intjar hi krna hota hai.

    उत्तर देंहटाएं
  14. सही है , हमारे भी आएंगी ही , मंगलकामनाएं आपको !

    उत्तर देंहटाएं
  15. चलिए किसी के तो अच्छे दिन आ गए ... हमारी भी किस्मत खुलेगी ऐसे ही ...

    उत्तर देंहटाएं
  16. वाह! क्या खूब लिखा है आदरणीया

    उत्तर देंहटाएं

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...