रविवार, 30 दिसंबर 2012

कब लगेंगे पेड़


कब लगेंगे पेड़
कब फूटेंगी कोपलें,
कब खेलूंगी
धूप छावं का खेल.
कब आँगन में किसी बच्चे की
बन के छाया
अठखेलियाँ करूंगी.
कब आएगा बादल.
कब बरसेगी बदली.
कब दिन भर अपने घर बैठ
चिंतन करूंगी.
आगे बढ़ने होड़ में,
ऐ दुष्ट प्राणी!
तूने क्या खोया, क्या पाया?
पैसा कमाने की होड़ में
भूल गया मुझ दुखयारी को.
थक गयी हूँ मैं.
मुझे विश्राम चाहिए.
मुझे कुछ पेड़ चाहिए.

20 टिप्‍पणियां:

  1. थक गयी हूँ मैं
    मुझे विश्राम चाहिए
    मुझे कुछ पेड़ चाहिए
    शुक्रिया आपने भी माना ,विश्राम चाहिए !!

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  2. जितने इन्सान बढ़ रहे हैं , उतने पेड़ भी बढ़ने चाहिए।
    हालाँकि दिल्ली में तो काफी हरियाली है।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत खूब ...
    इंसान सब कुछ खा चुका है .. इस पर्यावरण को भी ... अब पेड़ दुर्लभ प्रजाति हो जाएंगे ...

    उत्तर देंहटाएं


  4. ♥(¯`'•.¸(¯`•*♥♥*•¯)¸.•'´¯)♥
    ♥नव वर्ष मंगबलमय हो !♥
    ♥(_¸.•'´(_•*♥♥*•_)`'• .¸_)♥




    ऐ दुष्ट प्राणी!
    तूने क्या खोया, क्या पाया?
    पैसा कमाने की होड़ में भूल गया मुझ दुखयारी को.
    थक गयी हूँ मैं. मुझे विश्राम चाहिए.
    मुझे कुछ पेड़ चाहिए.

    व्यापक दृष्टिकोण से उत्पन्न भाव... और कमाल की संवेदनशीलता !

    आदरणीया रचना दीक्षित जी
    वाऽह ! क्या बात है !

    आपकी लेखनी से सदैव सुंदर , सार्थक , श्रेष्ठ सृजन होता रहे …

    नव वर्ष की शुभकामनाओं सहित…
    राजेन्द्र स्वर्णकार
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  5. बोयेंगे मोती के दाने, उगेंगे महल सपनों के,
    रचेंगे इस धरा पर हम, अपने आस हाथों से,,
    HAPPY NEW YEAR

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  6. मुझे नही लेना एयर कंडीशन में आराम
    मुझ को दिला दो घने पेड़ की छाया में विश्राम ....
    सही आरजू !
    शुभकामनायें!

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  7. सच है ! विश्राम चाहिए ! पेड़ चाहिए....
    ~सादर !!!

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  8. पेड़ तो चाहिए - प्रेरक प्रस्तुति

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  9. वाऽह,,,क्या बात है!बहुत ही सुंदर सार्थक प्रस्तुति,,,
    ====================================
    recent post : नववर्ष की बधाई

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  10. वह दिन शीघ्र आएगा, शुभकामनायें आपको

    उत्तर देंहटाएं
  11. ऐ दुष्ट प्राणी!
    तूने क्या खोया, क्या पाया?
    पैसा कमाने की होड़ में भूल गया मुझ दुखयारी को.
    थक गयी हूँ मैं. मुझे विश्राम चाहिए.

    ...बहुत सार्थक सन्देश...एक सुन्दर संवेदनशील रचना...

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  12. बहुत ही सुंदर और सार्थक लेखन -हरियाली ही खुशहाली है

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  13. आपकी सभी सद्य टिप्पणियों का शुक्रिया .आदरणीय भाव रखेंगे सभी महिलामात्र के प्रति यही इस बरस का शुभ सामूहिक संकल्प होना चाहिए .आभार .

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  14. ये बलात्कार प्रजातंत्र के साथ था .निर्भया ने एक पूरा तंत्र हिला दिया ,जी हाँ एक ही निर्भया ने .......उसकी याद में आओ पेड़ लगाएं ,धूप कम करें ,छाया लायें .नव वर्ष शुभ हो .

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  15. बिल्‍कुल सच कहा आपने ... सार्थक प्रस्‍तुति

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  16. प्रभावी लेखन,
    जारी रहें,
    बधाई !!

    उत्तर देंहटाएं
  17. वर्ष की सांध्यबेला पर सुंदर प्रस्तुति
    नववर्ष की हार्दिक बधाई।।।

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